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स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने भारतीय धर्म दर्शन संस्कृति को समृद्ध करने में दिया अप्रतिम योगदान : स्वामी दीपांकर जी महाराज

रिर्पोट :- गौरव सिंघल, विशेष संवाददाता,दैनिक संवाद,सहारनपुर मंडल।

देवबंद। अंतरर्राष्ट्रीय योग एवं ध्यान गुरू स्वामी दीपांकर जी महाराज ने आज अक्षय तृतीया पर स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती की प्रथम पुण्य तिथि पर देवबंद में महाकालेश्वर आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने भारतीय धर्म दर्शन संस्कृति को समृद्ध करने में अप्रतिम योगदान दिया है। करीब 106 वर्ष की आयु में स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती पिछले वर्ष 15 मई को ब्रह्मलीन हो गए थे। देवबंद में श्मशान भूमि के बाहर उनके आश्रम में ही उनकी समाधि बनाई गई थी। जिस पर आज हजारों लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि देने वालों में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, राज्य मंत्री लोक निर्माण बृजेश रावत, सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, एमएलसी एवं उत्तर प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष प्रांशुदत्त द्विवेदी, भाजपा सोशल मीडिया से जुड़ी ऋचा राजपूत, मोदी नगर की भाजपा विधायक डा. मंजू सिवाच, मुरादनगर के भाजपा विधायक अजीतपाल त्यागी, करणी सेना राजस्थान के अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू और सुदर्शन टीवी के मालिक सुरेश चव्हाण, साध्वी प्राची, 

शंकराचार्य आश्रम शाकुम्बरी देवी के स्वामी सहजानंद जी महाराज, बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक विकास त्यागी, ठाकुरद्वारा मंदिर समिति के महामंत्री अशोक गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. महेंद्र सैनी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी के अंत समय तक सेवक रहे मोहन मित्तल, श्यामानंद, विनोद सिंह आदि सैकड़ों प्रमुख लोगों ने स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती की सेवाओं को याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर बड़े भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

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