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सौ करोड़ की वसूली के मुद्दे पर घिरी महाराष्ट्र की उद्धव सरकार, दोनों सदनों में हुआ हंगामा

महाराष्ट्र में सौ करोड़ की वसूली के मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक उद्धव सरकार बुरी तरह घिर गई है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख को पद से हटाने के लिए चौतरफा दबाव ब़़ढने के बावजूद शिवसेना और राकांपा द्वारा उनका बचाव किए जाने से राज्य सरकार की किरकिरी बढ़ती जा रही है। राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने देशमुख की बेगुनाही साबित करने के लिए जो दावे किए उनकी धज्जियां मीडिया ने ही उड़ा कर रख दीं। राज्य के पूर्व सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने पवार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। इस बीच मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने पूरे प्रकरण की सीबीआइ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है।


महाराष्ट्र मामले पर संसद में हुआ हंगामा,

भाजपा और शिवसेना के सांसदों के बीच हुई तीखी नोकझोंक सोमवार को संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। राज्यसभा में तो इस मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इस बीच कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी राकांपा भी शिवसेना के साथ ख़़डी नजर आई। वहीं लोकसभा में भी इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। भाजपा ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल ख़़डा किया, तो शिवसेना और कांग्रेस सदस्यों ने इसे महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने की साजिश करार दिया।

पुरस्कर्ता

केंद्रीय मंत्री आठवले ने की महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग

आरपीआइ सांसद और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बोलने की अनुमति न मिलने पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। संसद में महाराष्ट्र के इस मुद्दे की गूंज सबसे सबसे पहले राज्यसभा में सुनाई दी।

देशमुख ने कैसे वसूली की, यह पूरे देश ने देखा : जावडेकर

शून्यकाल में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री किस तरह से वसूली कर रहे हैं, यह पूरे देश ने देख लिया है। इसके बाद शिवसेना सांसदों ने अपनी सीट से खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस और राकांपा सदस्यों ने उनका पूरा साथ दिया। इसके जवाब में भाजपा सदस्यों ने भी खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ते देख सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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