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सेना के लिए पिस्टल से लेकर फाइटर प्लेन तक बनाएगी ये 7 नई रक्षा कंपनियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दशहरे के मौके पर भारतीय सेना को मजबूती देने के लिए बनाई गई सात नई कंपनियों को लॉन्च करेंगी. दरअसल, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के 41 कारखानों को इन सातों उपक्रम में बांट दिया गया है. सरकार ने पिछले महीने ओएफबी (OFB) को एक अक्टूबर से भंग करने का आदेश जारी किया था. ओएफबी, जो पहले 41 ऑडनेंस फैक्ट्री को नियंत्रित करता था. अब इसे सात सरकारी स्वामित्व वाली संस्थाओं में विभाजित किया गया है.

ये कंपनियां गोला-बारूद और विस्फोटक, वाहन, हथियार और उपकरण, सैन्य सुविधा आइटम, ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स गियर, पैराशूट और सहायक उत्पादों का उत्पादन करेगी. इन कंपनियों के हथियार निर्माण से भारतीय सेना को मजबूती मिलेगी. ऐसे में जानते हैं कि कौन-कौन सी कंपनियां हैं और कौन सी कंपनी किस हथियार का निर्माण करेंगी…

क्या है इन सात कंपनियों का नाम?

एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (उत्तर प्रदेश)- यहां पिस्टल, रिवॉल्वर से लेकर बड़े कैलीबर के अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण किया जाएगा.

ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (उतर प्रदेश)- यहां सैनिकों के इस्तेमाल से जुड़ी सामग्री का निर्माण किया जाएगा.

इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (उत्तराखंड)- ये कंपनी प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के निर्माण का कार्य करेगी.

म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड- इस कंपनी में गोला-बारूद के साथ विस्फोटक सामग्री बनाने का कार्य किया जाएगा.

अवनी आर्मर्ड व्हीकल्स (तमिलनाडु)- इस कंपनी में टैंक, लड़ाकू वाहन, सुरंगरोधी वाहन बनाने का काम किया जाएगा.

ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (उत्तर प्रदेश)- ये कंपनी पैराशूट बनाने पर काम करेंगी.

यंत्र इंडिया लिमिटेड (महाराष्ट्र)- इस कंपनी में सहायक रक्षा सामग्री का निर्माण किया जाएगा.

बता दें कि 66 की संख्या वाले इन डीम्ड कॉन्ट्रैक्ट्स की क्युमुलेटिव वैल्यू 65,000 करोड़ रुपये से अधिक है. ऐसे में नई रक्षा कंपनियों के अनावरण से पहले सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह प्रक्रिया सुचारू रूप से समाप्त हो गई है. सरकार को उम्मीद है कि पेशेवर रूप से प्रबंधित सात नई संस्थाएं बेहतर क्षमता उपयोग के माध्यम से घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएंगी और निर्यात के नए अवसरों का भी लाभ उठाएंगी.

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड हो जाएगा समाप्त

भारतीय सशस्त्र बलों को हथियार, गोला-बारूद और कपड़ों की आपूर्ति करने वाले आयुध निर्माणी बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा. OFB की 41 फैक्ट्रियों को सात नई कॉरपोरेट इकाइयों में बांटा गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जून, 2021 को बोर्ड को 07 नई कॉर्पोरेट संस्थाओं में विभाजित करने को मंजूरी दे दी थी. यह 240 साल पुराना बोर्ड 41 आयुध कारखानों को नियंत्रित करता था और रक्षा मंत्रालय के अधीन एक अधीनस्थ कार्यालय के रूप में कार्य करता था.

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