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लव स्टोरी का खौफनाक अंत: प्रेमिका की लाश के साथ चार महीने तक रहा प्रेमी, पुलिस और परिजन भी हैरान

महाराष्ट्र के पालघर में एक लड़की अपने प्रेमी के साथ शॉपिंग के लिए निकलती है. इसके काफी देर बाद तक भी लड़की घर नहीं पहुंचती. तब परेशान होकर उसके घर वाले उसे मोबाइल पर फोन करते हैं. बहुत देर बाद लड़की फोन उठाती है और कहती है कि वो बहुत बिजी है, बाद में कॉल करेगी. मगर उसके बाद लड़की का कोई सुराग नहीं मिलता. धीरे-धीरे वक्त बीतने लगा. घरवाले गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा चुके थे. उधर, इसी दौरान एक फ्लैट से एक लड़की की लाश बरामद होती है, जिसे फ्लैट की दीवार में चुनवाया गया था. सवाल ये था कि उस लड़की की लाश दीवार में कैसे पहुंची.


शहर की इस रिहायशी कॉलोनी में हर निगाह इस रोज़ शाम को फ्लैट नंबर 101 पर टिकी थी. गरज़ ये कि इस फ्लैट में कुछ ऐसा हुआ था कि यहां ज़िले के तमाम आला पुलिस अफ़सरों के साथ-साथ कई थानों की पुलिस, एंबुलेंस, पुलिस के फोटोग्राफर और यहां तक कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी मौजूद थे. हैरानी की बात ये भी थी कि यहां पुलिस ने कुछ मजदूरों को भी बुला रखा था. लेकिन हर किसी के ज़ेहन में एक ही सवाल था कि आख़िर यहां हुआ क्या है? और तो और ये मकान जिस शख्स का था, पुलिस की टीम के साथ वो शख्स भी यहां मौजूद था और उसके यहां यानी इसी फ्लैट में किराये पर रहनेवाला 35 साल का नौजवान सूरज हरमलकर भी.

वैसे तो सूरज इस फ्लैट में अपनी लिव इन पार्टनर अमिता मोहिते के साथ रहता था. लेकिन आज अमिता किसी को नज़र नहीं आ रही थी. मोहल्ले की औरतों ने बताया कि अमिता सिर्फ़ आज ही नहीं बल्कि पिछले काफी दिनों से यहां किसी को नहीं दिखी. ऐसे में सवाल ये भी था कि आखिर अमिता कहां गई? क्या अमिता के साथ ही यहां कुछ हो गया? या फिर कहानी कुछ और है? पुलिस सूरज हरमलकर के साथ किसी को मिलने-जुलने या बात करने से भी रोक रही थी. बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही थी. और अंदर फ्लैट नंबर 101 में पुलिसवाले कुछ तोड़फोड़ करने में जुटे थे. और इस तरह कुछ घंटों के इंतज़ार के बाद वो घड़ी भी आ गई, जब पुलिसवाले फ्लैट से बाहर निकले. इधर, लोगों के सामने एक डरावना मंज़र था.

पुलिसवाले मकान के अंदर से एक लाश को लेकर बाहर आए. लाश भी ऐसी-वैसी नहीं, बल्कि हड्डियों की गठरी में तब्दील इंसानी जिस्म की सूरत में. अब जब पुलिसवाले ही फ्लैट के अंदर से लाश निकाल कर ला रहे हों, तो इतना तो साफ़ ही था कि ये मामला मामूली मौत का नहीं था. बल्कि यहां किसी का क़त्ल हुआ था. लेकिन सवाल ये था कि आख़िर ये लाश किसकी थी? क़त्ल किसने किया? और सबसे अहम ये कि लाश इस हालत में कैसे पहुंची? फिलहाल, वृंदावन दर्शन कॉमप्लेक्स में रहनेवाले किसी भी शख्स के पास इन सवालों का जवाब नहीं था.

लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ती गई. लोगों को उनके सवालों का जवाब भी मिलता गया. पता चला कि ये लाश किसी और की नहीं बल्कि उसी 32 साल की लड़की अमिता मोहिते की है, जो सूरज हरमलकर के साथ यहां रहती थी. और जिस तरह से पुलिस ने सूरज को अपने कब्ज़े में कर रखा था, उससे लग रहा था कि हो ना हो इस मौत के पीछे सूरज का हाथ है. बहरहाल, इसी असमंजस के माहौल के बीच पुलिस ने हड्डियों की गठरियों को पोस्टमार्टम यानी फॉरेंसिक जांच के लिए भिजवाया और आगे की पूछताछ के लिए सूरज को भी अपने साथ ले कर चली गई.

इधर, मोहल्लेवालों को अमिता की मौत को लेकर जो खबर मिली, वो बड़ी अजीब और डरावनी थी. पता चला कि अमिता की लाश फ्लैट के अंदर बाथरूम के ऊपर की दीवार से पुलिस ने खोद कर बाहर निकाली है. लाश क़रीब चार महीने पुरानी है. यानी फ्लैट नंबर 101 में रहनेवाली अमिता अपने ही घर में पिछले चार महीनों से एक लाश की सूरत में दिवार में चिनी हुई हालत में पड़ी-पड़ी अपने अंजाम का इंतज़ार कर रही थी. और ऐसा करने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद उसका लिव इन पार्टनर सूरज हरमलकर ही था. लेकिन हद ये थी कि कुद सूरज पिछले चालीस दिनों से इसी फ्लैट में बड़े इत्मीनान के साथ अमिता की लाश के साथ ही रह रहा था. ये कहानी सुन कर लोग सन्न रह गए.

ना तो लड़की के क़त्ल की बात समझ में आ रही थी और ना ही सूरज के लाश छिपाने से लेकर उसके साथ रहने की बात. लोगों को लग रहा था कि आख़िर ऐसा कैसे मुमकिन है? कोई इंसान किसी लाश के साथ एक ही घर में दिन-रात पूरे चार महीनों तक कैसे रह सकता है? आखिर सूरज की इस करतूत का अब तक किसी को पता क्यों नहीं चला? सूरज ने किन हालात में अमिता का क़त्ल किया? क्यों किया? क्या लाश खुद उसने अपने हाथों से दीवार में चिन दी? या फिर किसी और से चिनवाई? अगर सूरज ने किसी की मदद ली, तो ये राज़ अब तक बाहर कैसे नहीं आया? ज़ाहिर है… इन तमाम सवालों का जवाब सूरज ही दे सकता था. जिनसे से पालघर के वानगांव थाने में कड़ी पूछताछ होनेवाली थी.

दरअसल, पालघर के रहनेवाले सूरज और अमिता एक दूसरे को क़रीब छह सालों से जानते थे. और ना सिर्फ़ जानते थे, बल्कि एक-दूसरे काफ़ी क़रीब भी थे. अमिता सूरज से शादी करना चाहती थी, लेकिन सूरज अंदर से इसके लिए तैयार नहीं था. और इससे भी ज़्यादा हैरानी की बात ये थी कि सूरज ने ये बात कई सालों तक अमिता से छुपाए रखी और इस तरह दोनों का ये रिश्ता सालों-साल चलता रहा. दोनों एक-दूसरे से मिलते-जुलते भी रहे. और अमिता शादी के ख्वाब भी बुनती रही. बात धीरे-धीरे अमिता के घर तक पहुंची. असल में अमिता के घरवाले उसकी शादी कहीं और करना चाहते थे. लेकिन अमिता ने कह दिया कि वो अगर शादी करेगी तो सूरज से ही करेगी. आख़िरकार अमिता के घरवालों ने अमिता की पसंद पर अपनी हामी भर दी. उन्होंने अमिता के होनेवाले पति सूरज को अपने घर बुलाया. और अमिता के दबाव ने सूरज ना सिर्फ़ उनके घर पहुंचा बल्कि उसने अमिता के साथ शादी करने की पेशकश भी कर दी.

हालांकि सूरज ने अमिता और उसके घरवालों के बता रखा था कि उसके घरवाले इस रिश्ते से थोड़े नाखुश हैं, लेकिन उसे इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है. अब बस किसी अच्छे दिन और तारीख़ का इंतज़ार था, जब दोनों की शादी कर दी जाती. चूंकि अमिता को घरवालों की रजामंदी मिल ही गई थी, वो कई बार सूरज के साथ उसके वृंदावन दर्शन कांप्लेक्स के फ्लैट में भी रुक जाती थी. ये फ्लैट सूरज ने शादी के बाद साथ रहने के इरादे से किराये पर ले रखा था. 21 अक्टूबर 2020, शाम 7 बजे अमिता इस रोज़ ये कह कर अपने घर से बाहर निकली कि वो सूरज के साथ अपनी शादी की कुछ खरीददारी करने जा रही है. लेकिन एक वो दिन था और एक आज का दिन अमिता फिर कभी वापस ही नहीं लौटी. हुआ यूं कि अमिता को इसके बाद किसी ने नहीं देखा. 21 की रात को जब वो घर नहीं लौटी अमिता के घरवालों ने समझा कि शायद अमिता सूरज के साथ ही रुक गई होगी.

लेकिन इसके बाद 22, 23, 24, 25… दिन गुज़रते गए. लेकिन अमिता का कुछ पता नहीं चला. अब अमिता के घरवाले धीरे-धीरे बेचैन होने लगे. उन्होंने अमिता के नंबर पर फोन करना शुरू कर दिया. अव्वल तो अमिता का फ़ोन अक्सर ऑफ मिलता, सूरज फ़ोन उठाता तो कहीं घर से बाहर होने की बात करता. कई बार ऐसा भी हुआ कि अमिता के फ़ोन पर घंटी बजी, लेकिन दूसरी ओर से उसका फ़ोन कट गया और एसएमएस पर जवाब मिला कि वो ठीक है, काम से फुर्सत होने पर वो कॉल करेगी. लेकिन उसने कभी कॉल नहीं किया. कई बार ऐसा भी हुआ कि अमिता के कॉल करने पर उसने फ़ोन पर छोटा सा जवाब दिया और फ़ोन रख दिया. कुल मिलाकर, अब अमिता के घरवालों के लिए सबकुछ रहस्यमयी होता जा रहा था. और तब हार कर उन्होंने पालघर पुलिस से अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई. पुलिस ने रिपोर्ट लिख कर जांच शुरू की और उधर, अमिता के भाई ने सूरज का पीछा करना शुरू कर दिया.

एक रोज़ उसका सूरज से आमना-सामना हुआ और अपनी बहन की गुमशुदगी से गुस्साए अमिता का भाई सूरज को सीधे पुलिस स्टेशन लेकर चला गया. यहां पुलिस ने सूरज से पूछताछ की तो पहले तो उसने पुलिस को भी बहलाने-टरकाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आख़िरकार उसने मान लिया कि अमिता अब इस दुनिया में नहीं है. बल्कि उसका क़त्ल हो चुका है. इसके बाद सूरज ने अमिता के क़त्ल की जो कहानी सुनाई, उससे खुद पुलिसवालों के भी रौंगटे खड़े हो गए. उसने बताया कि अमिता लगातार उससे शादी की ज़िद कर रही थी, लेकिन चूंकि वो पहले से शादीशुदा था,

उसके लिए अमिता से दूसरी शादी करना मुमकिन नहीं था. ऐसे में पहले तो उसने अमिता को टालने की कोशिश की, लेकिन जब वो पीछे पड़ गई तो उसने अमिता की जान लेने का फैसला कर लिया. और फिर एक रोज़ उसने ना सिर्फ़ अमिता का क़त्ल कर डाला, बल्कि इसके बाद उसकी लाश अपने उसी फ्लैट की दीवार में बाथरूम के ऊपर बने खाली जगह पर चिन दी, जिसमें वो दोनों रहा करते थे. सूरज ने इसके लिए ना सिर्फ़ सीमेंट, रेत और दूसरे सामान का इंतज़ाम किया, बल्कि दीवार से लाश की बदबू बाहर ना निकले, इसलिए उसने एंटी लीक ग्लू भी लगा दिया. और इस तरह क़त्ल के बाद शक से बचने के लिए वो ना सिर्फ़ इसी फ्लैट में रहने लगा, बल्कि समय पर अपने मकान मालिक को किराया भी देता रहा. और तो और वो अक्सर अमिता के घर से फ़ोन आने पर खुद ही अमिता बन कर उन्हें बिजी होने का एसएमएस कर देता था. और कुछेक बार उसने लड़की की आवाज़ निकाल कर अमिता के घरवालों से बात कर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की. लेकिन आखिरकार उसके पाप का घड़ा भर गया और लड़की के घरवालों के शक पर ही वो ना सिर्फ़ पकड़ा गया, बल्कि अपनी गर्लफ्रेंड का क़त्ल कर दीवार में उसकी लाश चिन कर उसी लाश के साथ चार महीने तक रहने की हॉरर स्टोरी भी सामने आ गई.

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