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रुड़की में बवाल के बाद धारा-144 लागू, छावनी में बदला जलालपुर गांव

रुड़की के जलालपुर गांव में आज होने वाली महापंचायत को लेकर घमासान मचा हुआ है। संतों की गिरफ्तारी का दौर जारी है और गांव में धारा 144 लागू है। वहीं किसी टकराव के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। गांव में ड्रोन की मदद से आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

हिंदू महापंचायत को लेकर पुलिस की तरफ से जहां एक और सख्ती बरती गई है, वहीं स्वामी दिनेशानंद भारती के संपर्क में रहने वाले आश्रमों पर पुलिस की नजर है। वहीं पुलिस ने काली सेना के संस्थापक और शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप सहित कई संतों को गिरफ्तार कर लिया है।

गांव में दिनचर्या जारी है, ग्रामीण अपने दैनिक कृषि कार्य कर रहे हैं। गांवों के मार्गों पर पुलिस सख्ती बरत रही है। यहां पर आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है। गांव में प्रशासन ने 144 धारा लगाई, लेकिन स्कूल कॉलेज खुले हुए हैं।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद जिला प्रशासन ने महापंचायत पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद यहां टकराव के हालत बन गए। वहीं आयोजकों ने कहा कि महापंचायत हर हाल में होगी, चाहे थाने में ही करनी पड़े।

इसी क्रम में मंगलवार को काली सेना के राज्य संयोजक दिनेशानंद भारती और उनके छह समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने महापंचायत के लिए गांव में लगाया जा रहा तंबू भी उखाड़ दिया था।

वहीं हरिद्वार के डाडा जलालपुर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ईद पर ईदगाह और मस्जिदों में सुरक्षा व्यवस्था करने, धार्मिक यात्रा का मार्ग तय किए जाने समेत विभिन्न मांगों पर देहरादून में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आठ सूत्री मांगपत्र सौंपा है।

प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। जिसमें पदाधिकारियों ने हरिद्वार के डाडा जलालपुर में हुई घटना का जिक्र करते हुए मामले में जांच की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से संगठन ने डाडा जलालपुर और डाड पट्टी का दौरा किया था। जिसमें कई तथ्य सामने आए। कहा कि धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए सक्षम अधिकारी को आदेश दिया जाए।

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