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मायावती को लगा बड़ा झटका, पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश ने दिलाई सदस्यता

समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को भी बहुजन समाज पार्टी के कई नेताओं को साइकिल का सवार बना दिया। अंबेडकरनगर से बसपा के पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त, बसपा विधायक असलम चौधरी की पत्नी नसीम बेगम, बसपा के पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू, शाहाबाद की नगर पालिका अध्यक्ष नसरीन बानो समेत आधा दर्जन से अधिक नेताओं ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कांग्रेस छोड़कर आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी रहे।

बहुजन समाज पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं का टूटकर सपा में आने का सिलसिला जारी है। अंबेडकर नगर के पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त को बसपा सुप्रीमो मायावती का बेहद खास सिपहसालार माना जाता रहा है। अंबेडकर नगर की अकबरपुर लोकसभा सीट पर मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकार सौंपा था। ऐसे में उनका पार्टी छोड़कर सपा में आना राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण संकेत है।

2022 का चुनाव तय करेगा देश की दिशा

अखिलेश यादव ने सभी का समाजवादी पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि आने वाला वक्त बताएगा कि समाजवादी पार्टी कितना मेहनत कर रही है. उन्होंने कहा कि 2022 में यूपी होने वाले विधानसभा चुनाव न सिर्फ समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी करवाएगा बल्कि देश की दिशा भी तय करेगा.

अखिलेश यादव ने इस दौरान प्रदेश की योगी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कोरोना महामारी, निवेश और कानून व्यवस्था समेत तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरा. अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोना से आज पूरी दुनिया लड़ रही है. लेकिन यूपी सरकार का एक ही निर्णय है, जितने कम टेस्ट उतनी कम बीमारी. ज्यादा टेस्ट होगा तो पता चलेगा कि आखिर कितने लोग बीमार हैं. मंत्री, अफसर, पत्रकार समेत बड़ी संख्या में लोगों की जान गई. अब सरकार कह रही है कि हमें अब इस बीमारी के साथ रहना होगा. लेकिन सरकार की तैयारी क्या है? अस्पतालों की हालत ठीक नहीं है लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है. सरकार अस्पतालों में व्यवस्था नहीं दे पा रही, इसलिए बोल रही है कि बीमारी के साथ रहना होगा.

अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने इन्वेस्टमेंट समिट पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि हम सरकार से जाना चाहते हैं कि 4 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट कहां है? यह सरकार झूठी है. जो एमओयू हुए और जिनका भूमिपूजन हुआ वह जमीन पर कहां दिखाई दे रहा है सरकार इस बारे में बताए.

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