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महाकाल मंदिर में 20 दिसंबर से नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल, प्रसादी भी हुई महंगी

प्रसिद्ध महाकाल मंदिर (Mahakal temple) में मोबाइल ले जाने पर बैन (Mobile ban) लगा दिया गया है. मंदिर प्रबंधन ये फैसला हाल ही में दो सुरक्षाकर्मियों की ओर से वहां फिल्मी गाने पर बनाए गए वीडियो के सामने आने के बाद लिया है. आगामी 20 दिसंबर से उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा. वहीं 24 दिसंबर से 5 जनवरी तक नए साल की व्यवस्थाओं के चलते गर्भगृह में भी प्रवेश प्रतिबंध रहेगा. इसके साथ ही मंदिर में प्रसादी के लड्डुओं की दर भी बढ़ा दी गई है.

लड्डुओं की यह प्रसादी पहले 300 रुपये किलो मिलती थी. अब इसे बढ़ाकर 360 रुपये प्रतिकिलो किए जाने का निर्णय भी किया गया है. विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का मंदिर लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बाद हाल ही में जैसे ही सुरक्षाकर्मियों द्वारा रिल्स बनाने का मामला सामने आया तो मंदिर प्रबंधन समिति ने यह कड़ा फैसला लिया.

पकड़े जाने पर लगेगा जुर्माना
मंदिर समिति अध्यक्ष एवं उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि श्री महाकाल महालोक के बनने के बाद 5 दिसंबर को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की पहली और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. सिंह ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद 20 दिसंबर 2022 से श्री महाकाल मंदिर में मोबाइल और बैग ले जाने को प्रतिबंध किया गया है. इसके लिए लॉकर की सुविधा मंदिर के बाहर आगामी 15 दिनों के अंदर कर दी जाएगी. यह नियम मंदिर के पुजारियों और सुरक्षाकर्मियों पर भी लागू होगा. नियम का उल्लंघन करने और पकड़े जाने पर जुर्माने का प्रावधान होगा. जुर्माना कितना होगा इसकी अधिसूचना जल्द जारी कर दी जाएगी.

प्रसादी लड्डू के भाव बढ़ाए
सिंह ने बताया कि नए साल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का ध्यान में रखते हुए मंदिर के गर्भ गृह में 24 दिसंबर से 5 जनवरी तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. मंदिर समिति को लड्डू प्रसादी में प्रतिकिलो पर करीब 74 का नुकसान हो रहा था. इसको देखते हुए आगामी 2 से 3 दिन के अंदर इनकी दर 14 रुपये के नुकसान के साथ 360 प्रतिकिलो करने को लेकर भी निर्णय लिया गया है.

बैठक में इन बिन्दुओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में श्री महाकाल महालोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों, अन्य आनुषांगिक कार्यों और पिछले दिनों हुए आयोजनों आदि के अनुमोदन के साथ ही कई विषयों पर चर्चा हुई. मंदिर के अध्यक्ष आशीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि लंबित टेंडर की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए. मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने नई संरचना और बढ़ी हुई दर्शनार्थियों की संख्या के संदर्भ में लाइन चालन, दर्शन, आवशयक व्यवस्था के साथ योजनाओं की प्राथमिकता की जानकारी दी.

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