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बरसात के मौसम में चर्म रोगों का खतरा ज्यादा, न करें नजरअंदाज

आजकल त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, वैसे तो यह रोग किसी भी मौसम में हो सकते हैं लेकिन गर्मी एवं बरसात में चर्म रोगों का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में अपने शरीर की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। आमतौर पर लोग त्वचा संबंधी रोगों के प्रति जागरूक नहीं रहते हैं।

एलर्जी समझकर घरेलू उपचार करते हैं जिससे कि कई बार समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। संजीवनी हॉस्पिटल आईटीआई रोड हल्द्वानी के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अक्षत टम्टा ने बताया कि स्किन संबंधित बीमारियों को कई बार लोग हल्के में ले लेते हैं जिससे कि बीमारी कई बार गम्भीर रूप ले लेती है। चर्म रोगों में त्वचा का लाल हो जाना, सफेद व काला हो जाना, त्वचा का मोटा हो जाना, पपड़ी बनना, त्वचा में दाने हो जाना, खुजली होना इत्यादि बीमारियां हो जाती हैं लेकिन लोग इसे एलर्जी मानकर घरेलू उपचार जैसे कि हल्दी लगा लेना, चूना लगा लेना, टूथपेस्ट लगा लेना, लहसुन रगड़ना जैसे उपचार करते हैं, जिससे कि गंभीर इंफेक्शन का खतरा रहता है डॉक्टर टम्टा ने कहा कि किसी भी तरह के चर्म रोग होने पर कुशल चर्म रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही उपचार कराना चाहिए।

बरसात में होने वाले चर्म रोग

फफूंद संक्रमण या फंगल इन्फेक्शन वैसे तो यह रोग किसी भी मौसम में हो सकता है, लेकिन बरसात के मौसम में इस रोग का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है, इसमें शरीर पर लाल रंग की गोलाकार दाद बनते हैं और इसमें खुजली भी होती है। जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा स्टेरॉइड क्रीम का इस्तेमाल अथवा घरेलू उपचार कभी नहीं करना चाहिए, ऐसे में कुशल चर्म रोग विशेषज्ञ से ही सलाह लेकर उपचार कराना ही उचित रहता है।

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