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परिवार से मुंह मोड़ा तो छिन जाएगी सरकारी नौकरी! अनुकंपा नियुक्तियों पर HC सख्त

अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वालों के लिए चेतावनी है. सिर्फ एक लापरवाही से आप अपनी Sarkari Naukri गंवा सकते हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए ऐसा फैसला सुनाया है. उच्च न्यायालय रेलवे में Anukampa Naukri पाने वाले उम्मीदवार का मामला आया था. शिकायत की गई थी कि अनुकंपा पर सरकारी नौकरी पाने वाला व्यक्ति अपने परिवार और आश्रितों की देखभाल नहीं कर रहा है.

जिस शख्स को अनुकंपा पर Railway में Job दी गई थी, उसी के परिवार वालों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. सुधा शर्मा समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने याचिका में कहा कि ‘उनके पिता रेलवे में कर्मचारी थे. नौकरी के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई. जिसके बाद परिवार की एक सदस्य को अनुंकपा पर नौकरी दी गई.’

याचिका में कहा गया, ‘नौकरी इस आश्वासन पर दी गई थी कि वह अपने परिवार के अन्य आश्रित लोगों की देखभाल करेगी. लेकिन वह अपने वादे से पलट गई. उसने परिवार वालों की देखभाल करने से मना कर दिया. जबकि पारिवारिक सदस्यों में एक वृद्ध भी है.’

Anukampa Bharti: कोर्ट ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पंकज भाटिया ने कहा कि ‘सरकार परिवार के किसी योग्य आश्रित (पति/ पत्नी/ संतान) को अनुकंपा पर नौकरी इसलिए देती है ताकि वह अपना और परिवार के बाकी लोगों की देखभाल कर सके. अचानक कोई विपत्ति आए तो उससे उबर सके.’

फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि ‘जिस व्यक्ति को Anukampa पर नियुक्ति मिली है, अगर वह सभी आश्रितों के हित पूरे नहीं कर रहा है, तो सरकार उसकी नौकरी वापस ले सकती है.’ फिलहाल मौजूदा मामले में कोर्ट ने रेलवे को तीन महीने के अंदर उचित फैसला लेने का आदेश दिया है. ये मामला उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज के अधीन है. निर्णय भी उन्हें ही लेना है.

क्या है अनुकंपा की नौकरी?

अगर परिवार में किसी की सरकारी नौकरी है, लेकिन सेवाकाल में ही किसी कारण उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसकी जगह उसके परिवार के किसी योग्य सदस्य को Govt Job दी जाती है. इसे अनुकंपा भर्ती कहा जाता है. केंद्र, राज्य समेत अलग-अलग विभागों के अनुकंपा भर्ती के नियम उनकी वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं.

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