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नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित हुए डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, समझौते में निभाई थी अहम भूमिका

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दामाद और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुश्नर और उनके साथी एवी बेरकोविच को प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के लिए नामित किया गया है. इजरायल (Israel) और अरब देशों में दोस्ती कराने के लिए इन दोनों का नाम इस सम्मान के लिए भेजने का फैसला किया है. ये समझौता मध्य अगस्त और मध्य दिसंबर के बीच चार महीनों के दौरान घोषित किया गया था. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दो प्रमुख चेहरों को अमेरिकी वकील एलन डार्शविट्ज ने नामित किया है. वो हॉर्वड लॉ स्कूल में एमिरिटस प्रोफेसर हैं. अपने इस पद के चलते वो नोबेल पुरस्कार के लिए किसी को भी नामित करने की योग्यता रखते हैं.


महाभियोग ट्रायल में ट्रंप का किया था बचाव

डार्शविट्ज ने पिछले साल पहले महाभियोग ट्रायल में ट्रंप का बचाव किया था. उन्होंने 20 जनवरी को वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक टिप्पणी में कहा था कि सीनेट को अमेरिकी संसद कैपिटल हिल पर हुए 6 जनवरी के हमले के लिए ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर देना चाहिए क्योंकि अब वो राष्ट्रपति नहीं है. नोबेल समिति को लिखे अपने पत्र में डार्शविट्ज ने इजरायल में पूर्व अमेरिकी राजदूत डेविड फ्राइडमैन और संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के पूर्व राजदूत रॉन डर्मर के कार्यों का भी हवाला दिया. उन्हें लगा कि उनका नामांकन विवादास्पद हो सकता है.


उन्होंने लिखा कि नोबेल शांति पुरस्कार लोकप्रियता के लिए नहीं है और न ही ये इस बारे में है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय उन लोगों के बारे में सोचता है जो शांति लाने में मदद करते हैं. ये पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल द्वारा तय किए गए मानदंडों को पूरा करने के बारे में है.

समझौते में निभाई अहम भूमिका

बता दें कि जेरेड कुश्नर डोनाल्ड ट्रंप के दामाद हैं और बर्कोवित्ज़ मिडिल ईस्ट के दूत थे. दोनों ही इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को के बीच डील में अहम व्यक्ति माने जाते हैं. कुश्नर ने कहा कि वो इस पुरस्कार के लिए नामित होकर सम्मान महसूस कर रहे हैं. ये अवॉर्ड अक्टूबर में दिया जाएगा. अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन 20 जनवरी को शपथ ग्रहण के बाद से ही ट्रंप प्रशासन के फैसले पलटने में लगे हुए हैं. अनुमान है कि वो ट्रंप प्रशासन के दौरान किए गए सभी राष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों की भी समीक्षा करेंगे, जिसमें यूएई और सऊदी अरब लिए हथियार पैकेज भी शामिल हैं.

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