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नहीं होगी अब ऑक्सीजन की कमी, पचास हजार मीट्रिक टन आयात करेगी सरकार

देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारत के हॉस्पिटल्स में ऑक्सीजन की भी काफी कमी है। वहीं कई आवश्यक उपकरणों की भी कमी है। इसी को देखते हुए सरकार के अधिकार प्राप्त समूह इम्पावर्ड ग्रुप 2 ने पीएसए संयंत्रों के लिए 100 हॉस्पिटल्स की पहचान कर 50,000 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन का आयात करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही ऑक्सीजन मांग वाले 12 राज्यों की ट्रेसिंग की जा रही है। गुरुवार को ईम्पावर्ड ग्रुप 2 की हुई मीटिंग में कहा गया कि 12 राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल) में ऑक्सीजन की सबसे अधिक मांग है।

इम्पावर्ड ग्रुप 2 ने हॉस्पिटल्स की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 50,000 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन के आयात करने पर मुहर लगाई है। इस ऑक्सीजन आयात के लिए बहुत जल्द ही टेंडर जारी कर दिए जायेंगे। आपको बता दें कि ग्रुप 2 मेडिकल ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति के हालात पर पैनी नजर बनाए हैं।

आपको बता दें कि प्रेशर स्विंग एडसोरप्शन (पीएसए ) प्लांट ऑक्सीजन निर्माण करते हैं और मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए हॉस्पिटल्स को अपनी जरूरत के लिए आत्मनिर्भर बनने में योगदान करते हैं। स्वीकृत 162 पीएसए प्लांटों को हॉस्पिटल्स में ऑक्सीजन निर्माण बढ़ाने के लिए बारीकी से समीक्षा की जा रही है। ईम्पावर्ड ग्रुप 2  गृह मंत्रालय से पीएसए प्लांट के लिए 100 हॉस्पिटल्स की पहचान करने की मांग की है।

बैठक में राज्यों की आवश्यकताओं के हिसाब से मेडिकल ऑक्सीजन के स्रोत और उनकी उत्पादन क्षमता की ब्लू प्रिंट बना लिया गया है। इसके साथ ही मेडिकल ऑक्सीजन के स्रोतों पर राज्यों का मार्गदर्शन करने के लिए एक सांकेतिक ढांचा बनाया गया है। 20 अप्रैल, 25 अप्रैल और 30 अप्रैल को उनकी अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए इन 12 राज्यों को 4880 मीट्रिक टन, 5619 मीट्रिक टन और 6593 मीट्रिक टन की आपूर्ति करने का निर्णय लिया गया है।

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