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धरती पर छा जाएगा अंधेरा, सूर्यग्रहण में ना करें ये 4 गलतियां

आज साल 2021 का पहला सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) लगने जा रहा है जो पूर्ण रूप से लगेगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी को ढक लेगा और इस कारण सूर्य की बाहरी परत ही नजर आएगी। पूर्ण सूर्य ग्रहण होने की वजह से दिन में ही धरती पर अंधेरा छा जाएगा। हालांकि, भारत में ग्रहण नजर नहीं आएगा इस कारण सूतक काल भी नहीं लगा है। ज्योतिष इस ग्रहण को आंशिक ग्रहण बता रहे हैं। ग्रहण गुरुवार दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।भले ही भारत में सूतक काल मान्य नहीं है लेकिन कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें ग्रहण के दौरान करने से बचना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि किन कामों को सूर्यग्रहण के दौरान नहीं करना है और वो कौन-से काम हैं जिन्हें आप ग्रहण के दौरान कर सकते हैं।

कौन-से काम ग्रहण के दौरान करें

तुलसी का करें प्रयोग
ग्रहण लगने से पहले ही दूध, घी, तेल, पनीर, अचार, मुरब्बा और भोजन से संबंधित सामग्रियों पर तिल या तुलसी के पत्ते डाल दें। ऐसा करने से खाने की चीजों पर ग्रहण का असर नहीं पड़ता।

सूर्य की उपासना
ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ करना शुभ होता है। इसलिए ग्रहण के दौरान सूर्य की उपासना करें अथवा आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र आदि सूर्य स्तोत्रों का पाठ व गुरु मंत्र का जाप करें। ग्रहण के दौरान दान करना भी शुभ होता है।
अब जानते हैं उन कार्यों के बारे में जिन्हें भूलकर भी ग्रहण के दौरान नहीं करना चाहिए और ऐसा करना मुसीबतों को दावत देना जैसा होता है।

खाना
धार्मिक मान्यताओं के अलावा कई वैज्ञानिक शोध में कह चुके हैं कि जब ग्रहण लगता है तब मनुष्य की पाचन शक्ति बहुत शिथिल हो जाती है। इस कारण दूषित भोजन या पानी पेट में जाने से इंसान बीमार हो सकता है। इसलिए ग्रहण से पहले ही खाना खा लें और जिस पात्र में पीने का पानी रखते हैं उसमें तुलसी का पत्ता रख दें। ऐसा करने से पानी शुद्ध रहेगा और ग्रहण का बुरा प्रभाव उस पर नहीं पड़ेगा।

ग्रहण की छाया
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। क्योंकि ग्रहण के दौरान जो किरणें निकलती हैं वो बहुत हानिकारक होती हैं और इसका असर मां व गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ सकता है। इसलिए अगर घर में कोई गर्भवती महिला है तो उसे अंदर ही रखें ग्रहण के दौरान बाहर निकलने से बचें।

पूजा-पाठ
ग्रहण लगने से पहले ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। क्योंकि ग्रहण के दौरान भगवान की पूजा-पाठ करना वर्जित होता है। पर आप मन ही मन ईश्वर की उपासना कर सकते हैं। ऐसा करने से मन में नकारात्मक बातें नहीं आएंगी।

पति-पत्नी रखें ध्यान
ग्रहण के दौरान पति-पत्नी को कभी-भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। ऐसा करने से ना सिर्फ पति-पत्नी के रिश्ते पर बल्कि उस समय बनाए गए संबंधों से पैदा हुए बच्चे पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए जितना हो सके ग्रहण के दौरान सावधानी बरतें और ईश्वर का ध्यान करें।

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