Breaking News

धरती का सबसे विशाल जीव: बीच पर निकला डायनोसॉर के पंजे का निशान

ब्रिटेन की एक चार साल की बच्ची ने डायनोसॉर के पैरों के निशान खोजे हैं। माना जा रहा है कि इस खोज के आधार पर यह समझा जा सकेगा कि ये डायनोसॉर चलते कैसे थे। बैरी के बेंड्रिक्स बे में लिली वाइल्डर ने जो निशान खोजे हैं, वे 22 करोड़ साल पुराने हैं और अब तक सुरक्षित हैं। ये निशान 10 सेंटीमीटर लंबे हैं और माना जा रहा है कि ये जिस डायनोसॉर के हैं वह 75 सेंटीमीटर ऊंचा रहा हो। नैशनल म्यूजियम वेल्स पेलियंटॉलजी क्यूरेटर सिंडी हॉवेल्स ने ताजा खोज को इस बीच पर सबसे बेहतरीन निशान बताया है।


अर्जंटीना में मिले डायनोसॉर के 9.8 करोड़ साल पुराने अवशेष, हो सकता है धरती का सबसे विशाल जीव सॉरोपॉड विशाल, लंबे गले, लंबी पूंछ, पौधे खाने वाले विशाल जीव थे। इनमें से पटागॉटिटन का वजन 70 टन के थे और 40 मीटर लंबे होते थे। अर्जंटीना के म्यूजियो डि ला प्लाटा में काम करने वाले अलेहांद्रो ओतेरो ऐसे जीवों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने साइंस जर्नल क्रिटेशस रिसर्च में एक रिसर्च पेपर लिखा है। म्यूजियो एगिडियो फेरुग्लियो के पेलियंटॉलजिस्ट होजे लुई कार्बालिडो के मुताबिक 2012 में नेकिन नदी घाटी में विशाल जीवाश्म खोजे गए थे लेकिन खुदाई का काम 2015 में शुरू हुआ।

कार्बालिडो ने बताया है, ‘हमें आधे से ज्यादा पूंछ मिली है, बहुत सी कूल्हे की हड्डियां मिली हैं।’ उन्होंने बताया है कि अभी भी काफी हिस्सा चट्टान के अंदर है तो कई साल की खुदाई अभी करनी पड़ेगी। यह विशाल कंकाल चट्टानों की परत के नीचे मिला है जो 9.8 करोड़ साल पहले का हो सकता है। जपाला में डायरेक्टर ऑफ म्यूजियम ऑफ नैचरल साइंसेज के मुताबिक हो सकता है कि यह हड्डियां पूरी हों। खुदाई में क्या मिलता है, उससे पूरी कहानी पता चलेगी लेकिन भले ही यह सबसे विशाल डायनोसॉर न हो, यह खोज अपने आप में अहम है।

इससे पहले एक किताब में दावा किया गया है कि जिस ऐस्टरॉइड ने डायनोसॉर्स को विलुप्त कर दिया था, उसकी वजह से डायनोसॉर चांद पर पहुंच गए थे। किताब ‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड’ में दावा किया गया है कि जब यह विशाल ऐस्टरॉइड आया था तो इसके भयानक इंपैक्ट की वजह से धरती से मैटर कक्षा में चला गया जिसमें डायनोसॉर की हड्डियां भी शामिल हो सकती हैं।

कैसे रहे होंगे ये डायनोसॉर

लिली अपने पिता के साथ बीच पर टहल रही थीं जब उन्हें यह निशान दिखा और उन्होंने अपने पिता रिचर्ड को दिखाया। रिचर्ड ने तस्वीर अपनी पत्नी सैली को दिखाई जिन्होंने एक्सपर्ट्स से बात की। पैरों के निशान के आधार पर माना जा रहा है कि ये जिस डायनोसॉर के रहे होंगे, वह पीछे के दो पैरों पर चलता होगा और छोटे जानवर और कीड़े खाता होगा। इससे पहले यहां से मिले पैरों के निशान डायनोसॉर की जगह मगरमच्छ जैसे रेंगने वाले जानवरों के माने जाते रहे हैं। ताजा निशानों को यहां से लेकर नैशनल म्यूजियम कार्डिफ में सुरक्षित रखा जाएगा। बेंड्रिक्स बैरी और सली के बीच तटीय इलाका है। यह एक अहम जीवाश्म विज्ञानस्थल है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *