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जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बौखलाए TMC नेता, ममता को बदनाम करने वालों को दी धमकी

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ताधारी टीएमसी (TMC) के नेताओं के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर बीजेपी (BJP) हमलावर है। दूसरी तरफ TMC लीडर्स भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी (party supremo mamta banerjee) और उनके उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी (Successor Abhishek Banerjee) को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। टीएमसी विधायक असित मजूमदार ने कहा कि अगर कोई ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को बदनाम करने की कोशिश करेगा तो उसे पीटा जाएगा। हुगली जिले के चिनसुराह से एमएलए ने एक राजनीतिक रैली को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बीते गुरुवार को पशु तस्करी घोटाले के सिलसिले में टीएमसी के दिग्गज नेता अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सरकारी स्कूलों में भर्ती घोटाले के मामले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को अरेस्ट किया था।

मंडल की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी, सीपीआईएम समेत कांग्रेस नेता भी सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान ममता बनर्जी के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए। टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी पर मिठाइयां बांटी गईं और ड्रम्स भी बजाए गए। विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए।

बदला नहीं, बदलाव चाहिए… नारे को बदलने का वक्त: TMC सांसद
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने शनिवार को कहा, ‘2011 में ममता बनर्जी ने नारा लगाया था कि हम बदलाव चाहते हैं, बदला नहीं। अब मुझे लगता है कि ममता बनर्जी ने एक गलती कर दी। ममता बनर्जी की आलोचना करना मेरा काम नहीं है। लेकिन मुझे लगता है कि अब बदले का जवाब बदला लेकर ही दिया जाना चाहिए।’

पूर्वी बर्दवान जिले में ब्लॉक स्तर के टीएमसी नेता अरूप मृद्धा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें वह कहते हैं कि टीएमसी अभी भी सत्ता में है। अगर हम अपने कार्यकर्ताओं को बाहर निकालेंगे, तो उनका (भाजपा का) सफाया हो जाएगा। स्थानीय नेता त्रिदीब भट्टाचार्य और दुलाल रॉय भी ममता बनर्जी को बदनाम करने की कोशिश करने वाले धमकी देते नजर आ रहे हैं।

टीएमसी की छात्र इकाई ने किया विरोध-प्रदर्शन
वहीं, टीएमसी की छात्र इकाई ने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ईडी और सीबीआई के इस्तेमाल के विरोध में शनिवार को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया। टीएमसीपी के लगभग 500 सदस्यों ने पोस्टर, तख्तियों और तोतों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। इन तोतों के पिंजरे पर ‘ईडी और सीबीआई’ लिखा था।

टीएमसीपी के प्रदेश अध्यक्ष त्रिनंकुर भट्टाचार्जी ने कहा, ‘हमें राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के खिलाफ चल रही जांच को लेकर कोई आपत्ति नहीं है, जिन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। अगर अनुब्रत मंडल के खिलाफ आरोप साबित होते हैं, तो उन्हें भी दंडित किया जाए। लेकिन, भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है, जिन्होंने भारी संपत्ति जमा की है। ईडी ऐसे भाजपा नेताओं के घरों पर छापेमारी क्यों नहीं कर रही है?’

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