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घर की छत आपको कर सकती है मालामाल, सरकार भी करेगी मदद, जाने क्या है आईडिया?

अक्सर लोग अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। मगर आइडिया, संसाधन और पैसों की कमी की वजह से ऐसा नहीं कर पाते और जिंदगी का काफी हिस्सा नौकरी करते हुए गुजार देते हैं। बिजनेस शुरू करने का ख्याल आते ही पहला सवाल जहन में आता है पैसा और एक बड़ी जगह, जहां आप अपना सामान रख सकें या फैक्ट्री लगा सकें। मगर एक ऐसा बिजनेस भी है, जिसे शुरू करना काफी आसान है। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए बहुत ज्यादा पूंजी की भी जरूरत नहीं है और तीसरी चीज आपको किसी बड़ी जगह की भी जरूरत नहीं होगी। जिस बिजनेस की जानकारी हम आपको देने जा रहे हैं उसे आप अपनी छत से शुरू कर सकते हैं। जी हां हम आपको बताने जा रहे हैं रूफटॉप फार्मिंग की।

आप रूफटॉप फार्मिंग के जरिए अपनी छत पर सब्जियां उगा सकते हैं। आप भारतीय सब्जियों के साथ-साछ छत पर विदेशी सब्जियां भी उगा सकते हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार अजमेर के रहने वाले एक व्यक्ति ने घर की छत पर कई तरह की सब्जियां उगाईं। इस कारोबार से अब वे अच्छी इनकम हासिल कर रहे हैं। उन्हें और उनके परिवार को ऑर्गेनिक सब्जियां भी मिल रही हैं। ऑर्गेनिक सब्जियां हेल्थ के लिए फायदेमंद होती हैं। इस छोटे कारोबार से वे अच्छा पैसा हासिल कर रहे हैं।

हाइड्रोपोनिक खेती के जरिए छत पर सब्जियां उगाई जा सकती है। हाइड्रोपोनिक खेती एक इजरायली तकनीक है। इसमें सब्जियां उगाने के लिए मिट्टी की जरूरत नहीं होती, बल्कि सिर्फ पानी से ही खेती की जा सकती है। इसमें खाद के बजाय सूखे नारियल के छिलकों की जरूरत होती है। छिलकों का उपयोग कोकोपीट, जो नारियल की भूसी और खाद से तैयार की गई मिट्टी होती है, की तरह किया जाता है। इसी में सब्जियां उगाई जा सकती हैं। खेती के इस यूनीक तरीके से जो चीजें छत पर उगाई जा सकती हैं उनमें मेथी, पुदीना, बैंगन, पालक, टमाटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च और भिंडी शामिल हैं। आप देसी टमाटर और तोरी उगाने का भी ऑप्शन है। खास बात ये है कि इसमें मिट्टी बजाय पानी का इस्तेमामल होता है, मगर पानी बर्बाद नहीं होता। अन्य खेती के तरीकों की तुलना में इसमें केवल 10 फीसदी पानी की जरूरत होती है।

मालूम हो कि ऑर्गेनिक खेती को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार भी प्रयास कर रही है। सरकार आपको तकनीकी और वित्तीय मदद देगी। लोगों के पास आर्गेनिक खेती की जानकारी कम है। ये भी कम ही लोगों को मालूम है कि ये कमाई का अच्छा जरिया है। ये सारी जानकारी देने के लिए सरकार ने जैविक खेती पोर्टल की शुरुआत की है। इसका लिंक (https://www.jaivikkheti.in) हम आपको यहां दे रहे हैं। यहां से आप अपने सवालों के जवाब हासिल पा सकते हैं। आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना भी है। इसमें ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 50000 रु दिए जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कुछ समय पहले कहा था कि केंद्र सरकार ने परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के लिए 2015-16 से 2019-20 तक 1632 करोड़ रु आवंटित किए।

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