Breaking News

गहलोत-पायलट विवाद पर जयराम रमेश बोले- CM के शब्द सही नहीं, पार्टी ले सकती है कड़े फैसले

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा एक साक्षात्कार के दौरान सचिन पालयट को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए गहलोत को नसीहत दी है। कांग्रेस ने रविवार को कहा कि अशोक गहलोत को साक्षात्कार के दौरान सचिन पायलट के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों मध्यप्रदेश में चल रही है। रविवार को यह यात्रा इंदौर पहुंची थी। इस दौरान इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पार्टी राजस्थान में संगठन को मजबूत करने के लिए कड़े फैसले लेने और समझौता करने से भी नहीं हिचकेगी।

गहलोत को ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था: जयराम
रमेश ने कहा कि गहलोत हमारे वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं जबकि पायलट एक ऊर्जावान, युवा और लोकप्रिय नेता हैं। कांग्रेस को इन दोनों नेताओं की जरूरत है। गहलोत की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि कुछ मतभेद हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है जो अप्रत्याशित थे। मैं हैरान था। गहलोत को साक्षात्कार में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था।

गहलोत ने गुरुवार को एक निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में पायलट को ‘गद्दार’ बताया था। उन्होने कहा था कि पायलट एक ‘गद्दार’ हैं, जो उनकी जगह नहीं ले सकते क्योंकि उन्होंने 2020 में पार्टी के खिलाफ बगावत किया था और राज्य सरकार को गिराने की कोशिश की थी। पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि इस तरह “कीचड़ उछालने” से उन्हें कोई लाभ नहीं होगा। पायलट ने पलटवार करते हुए कहा था कि उन पर हमला करने और झूठे आरोप लगाने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उनके कद के अनुरूप नहीं है।

इन बयानों से राहुल गांधी की यात्रा के राजस्थान में प्रवेश से पहले दोनों नेताओं के बीच खाई और गहरी हो गई है। रमेश ने कहा कि कांग्रेस के लिए संगठन सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि हम राजस्थान के मुद्दे का समाधान निकालेंगे जिससे हमारा संगठन मजबूत होगा। इसके लिए अगर हमें कड़े फैसले लेने पड़े तो हम लेंगे। अगर कोई समझौता करना पड़ा (गहलोत और पायलट के गुटों के बीच), तो यह भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व राजस्थान मुद्दे के उचित समाधान पर विचार कर रहा है। रमेश ने कहा कि लेकिन, मैं इस समाधान के लिए कोई समय सीमा तय नहीं कर सकता। केवल कांग्रेस नेतृत्व ही इसके लिए समय सीमा तय करेगा।

भारत जोड़ो यात्रा के बारे में बोलते हुए रमेश ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह यह राजस्थान में भी सफल होगा। चार दिसंबर को यात्रा राजस्थान में प्रवेश करेगी, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने के भारतीय जनता पार्टी के वादे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संसद के अंदर और बाहर समान नागरिक संहिता पर बहस जारी रहनी चाहिए। लेकिन भाजपा जानबूझकर वोटों के ध्रुवीकरण के लिए चुनाव के दौरान ऐसे विभाजनकारी मुद्दे उठाती है। रमेश ने कहा कि भाजपा ने एक और पांच दिसंबर को होने वाले गुजरात चुनाव में राजनीतिक फायदे के लिए यूसीसी का मुद्दा उठाया है।

जनादेश का अपमान कर रही राजस्थान कांग्रेस : धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को राजस्थान में कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव में मिले जनादेश का अपमान कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों को खारिज कर दिया कि भाजपा और उन्होंने 2020 में कांग्रेस सरकार को गिराने का प्रयास किया था।

  • प्रधान ने कहा कि यह संकट सबसे पुरानी पार्टी की अंदरूनी कलह से पैदा हुआ। उन्होंने माना कि पायलट से उनकी कभी-कभार बात होती है। उस वर्ष जुलाई में कांग्रेस आलाकमान ने गहलोत के खिलाफ विद्रोह शुरू करने पर पायलट को उपमुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया था।
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से भाजपा और उन पर बार-बार आरोप लगाए जाने के सवाल पर प्रधान ने कहा कि नाच न जाने आंगन टेढ़ा। उन्होंने कहा, पायलट कोई भाजपा कार्यकर्ता नहीं हैं, लेकिन कभी-कभार हमारी बात होती है। मैं गहलोत का भी सम्मान करता हूं, लेकिन वे लोग अंतर्कलह को छिपा नहीं पा रहे हैं।
  • प्रधान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने गहलोत सरकार पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।

पार्टी में किसी से परेशान या गुस्सा नहीं : थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को कहा कि वह पार्टी की केरल इकाई में किसी से परेशान या गुस्सा नहीं हैं। उन्हें किसी से बात करने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि हम किंडरगार्टेन में नहीं हैं कि एक-दूसरे से बात करने से परहेज करें। ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के राज्यस्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, उन्होंने पार्टी में किसी के खिलाफ न तो बोला है और न ही उसके निर्देशों के विरुद्ध काम किया है। उन्हें कहा, मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस तरह का विवाद क्यों खड़ा किया गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सुधाकरण से बातचीत करेंगे, तब उन्होंने कहा, सुधाकरण स्वस्थ नहीं हैं। सतीशन के बारे में उन्होंने कहा, यदि हमारी यहां भेंट होती है तो हम मिलेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *