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कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर की ये 7 मांगे

कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच देश में वैक्सीनेशन को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है. महाराष्ट्र, झारखंड समेत कई राज्यों ने पहले ही वैक्सीन की कमी की बात कह दी है. इस बीच बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर किसी से ‘वैक्सीन उत्सव’ मनाने को कहा है. अब इसी मसले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि बढ़ते कोरोना संकट में वैक्सीन की कमी एक अतिगंभीर समस्या है, ‘उत्सव’ नहीं- अपने देशवासियों को खतरे में डालकर वैक्सीन एक्सपोर्ट क्या सही है? केंद्र सरकार सभी राज्यों को बिना पक्षपात के मदद करे. हम सबको मिलकर इस महामारी को हराना होगा.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पूर्व भी कई अन्य नेताओं ने वैक्सीन उत्सव को लेकर सवाल खड़े किए हैं और सरकार से वैक्सीन की सप्लाई तेज़ करने को कहा है. इस ट्वीट के अलावा राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने कुल सात मांग की हैं. राहुल गांधी ने अपील की है कि वैक्सीन निर्माताओं को आर्थिक मदद देनी चाहिए, हर किसी को वैक्सीन लगवाने की छूट मिलनी चाहिए, राज्यों को वैक्सीन अधिक मात्रा में देनी चाहिए.

क्या है पीएम मोदी का वैक्सीन उत्सव आह्वान?

बता दें कि कोरोना संकट को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी. इसी दौरान वैक्सीनेशन को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि सभी राज्यों को 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक वैक्सीन उत्सव मनाना चाहिए. इस दौरान हर किसी का फोकस होना चाहिए कि उनके राज्यों में वैक्सीन की वेस्टेज़ ना हो और हर डोज़ काम में लाई जाए.

वैक्सीन की सप्लाई पर आर-पार

महाराष्ट्र सरकार लगातार केंद्र पर आरोप लगा रही है कि उनकी ज़रूरत के मुताबिक वैक्सीन नहीं मिल रही है. बीते दिन महाराष्ट्र के कई जिलों के सेंटर्स पर वैक्सीनेशन इसलिए रोक दिया गया, क्योंकि वहां पर वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया था. महाराष्ट्र के अलावा झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश समेत अन्य कुछ राज्यों ने भी ये मांग की है. यूपी के कुछ सेंटर्स पर भी वैक्सीन ना होने के कारण वैक्सीनेशन रोका गया.

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