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कांग्रेस का आरोप- मोदी सरकार ने किसानों के खिलाफ जंग छेड़ देश की इमेज बिगाड़ी

कांग्रेस ने सोमवार को सरकार पर किसानों के खिलाफ जंग छेडऩे का आरोप लगाया, साथ ही बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले कथित तौर पर जानकारी लीक किये जाने और गत गणतंत्र दिवस पर कुछ उपद्रवी तत्वों के लाल किले में घुसने एवं धार्मिक ध्वज लगाने से जुड़े घटनाक्रम की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग की।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को किसानों से बातचीत करके विवादित कृषि कानूनों से जुड़े मामले का समाधान निकालना चाहिए क्योंकि इसके कारण देश की छवि धूमिल हो रही है। चौधरी ने एक वरिष्ठ पत्रकार की कथित व्हाट््सऐप बातचीत सार्वजनिक होने का उल्लेख किया और कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले जानकारी को लीक किया जाना सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन है और इसकी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करानी चाहिए।

 

कांग्रेस नेता ने स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के किसान आंदोलन का समर्थन करने और इसको लेकर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया का भी हवाला दिया और कहा कि जिस तरह से पूरी सरकार 18 साल की एक लड़की के खिलाफ खड़ी हो गई है, उससे देश की छवि धूमिल हो रही है। किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ आप एक तरफ मुसलमान और दूसरी तरफ किसान के खिलाफ जंग छेड़े हुए हैं।’’

 

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ संसद से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हजारों किसान दो महीने से बैठे हैं। 200 से ज्यादा किसानों की जान चली गई। प्रधानमंत्री को किसानों के साथ बातचीत करने की फुर्सत नहीं है क्या? इतना अहंकार क्यों है?’’ किसानों की स्थिति को दयनीय बताते हुए उन्होंने सरकार से कहा, ‘‘ आप बहुमत का बाहुबल बंद करिए।’’ उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके ऊपर खतरा मंडरा रहा है और पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ेगा। चौधरी ने कहा, ‘‘किसानों के खिलाफ जंग बंद करो।’’

 

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ मैं… विपक्ष और आपके बहुत सारे सांसदों की तरफ से आग्रह करता हूं कि किसानों के साथ बातचीत करके समाधान निकालिए।’’ उन्होंने लालकिले की घटना का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अमित शाह जैसे ताकतवर गृह मंत्री रहते कुछ उपद्रवी लाल किले पर कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल है। क्या इसकी कोई तफ्तीश नहीं होगी? गणतंत्र दिवस पर जब राजधानी में सबसे अधिक सुरक्षा रहती है, तब ऐसा कैसे हुआ?’’

 

चौधरी ने दावा किया, ‘‘सच तो यह है कि आप चाहते थे कि कुछ घटना घटे ताकि लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। यह आपकी सोची-समझी साजिश है। आपने अपने लोगों को किसान के भेष में वहां पहुंचा दिया। अगर जांच हो जाए तो पता चल जाएगा कि सरकार इसके पीछे है। अगर ऐसा नहीं है तो जेपीसी की जांच कराएं।’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘आपने बड़ी चतुराई से किसान नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। आप छलपूर्वक नहीं तो बलपूर्वक किसानों को दबाना चाहते हैं।’’

 

उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की कथित व्हाट्एसेप बातचीत के मामले का हवाला देते हुए कहा, ‘‘जब बालाकोट हमले की खबर किसी को नहीं थी तो एक पत्रकार को कैसे पता चल गया? यह देश की सुरक्षा का विषय है। इस टीआरपी घोटाले की जेपीसी जांच होनी चाहिए।’’ चौधरी के मुताबिक, इस बातचीत में कहा गया है कि बालाकोट की एयरस्ट्राइक चुनावी फायदे के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में क्या हो रहा है, सरकार सदन को बताए। आप बताइए कि चीन के सैनिकों को कब बाहर निकालेंगे?’’ केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत मुहिम का परोक्ष उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की शुरुआत देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने की थी। उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पश्चिम बंगाल दौरे और उनकी ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं रवींद्र नाथ टैगोर का उल्लेख किए जाने का हवाला दिया और कहा कि किसी की बात का जिक्र करना अलग चीज होती है, लेकिन उस पर अमल करके आगे बढऩा अलग बात होती है।

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