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अमेरिका ने एयर इंडिया को ग्राहकों के दस अरब रुपये लौटाने का दिया आदेश

भारत (India) की एयर इंडिया (Air India) पर अमेरिका (America) ने ग्राहकों (customers) के करीब दस अरब रुपये लौटाने का आदेश दिया है. उस पर लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये का जुर्माना (Fine) भी लगाया गया है अमेरिका ने छह विमानन कंपनियों (airlines) पर कार्रवाई की है.

दो अमेरिकी समेत कुल छह एयरलाइन कंपनियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान उड़ानों के रद्द होने या देरी से उड़ने के कारण यात्रियों को कुल 60 करोड़ डॉलर का हर्जाना देने पर रजामंदी दे दी है. इन विमानन कंपनियों में भारत की एयर इंडिया भी है, जो अपने ग्राहकों को 12.15 करोड़ डॉलर यानी लगभग नौ अरब 85 लाख रुपये लौटाएगी.

अमेरिका के परिवहन मंत्रालय ने कहा है कि उसने कुछ विमानन कंपनियों पर रिफंड में देरी करने के लिए 70 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया है. मंत्रालय के मुताबिक इन कंपनियों ने इतनी देरी की कि ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ. हालांकि अमेरिका की सबसे बड़ी विमानन कंपनी जुर्माने से बच गई है.

2020 की शुरुआत में जब महामारी का प्रसार बढ़ना शुरू हुआ तो लगभग सभी देशों ने अपनी सीमाएं बंद कर दी थीं और आवाजाही बंद हो गई थी. इस वजह से विमानों की आवाजाही या तो बंद हो गई या अत्याधिक प्रभावित हुई. तब हजारों लोगों ने परिवहन मंत्रालय को विमानन कंपनियों की शिकायत की थी. सबसे ज्यादा शिकायतें रिफंड ना मिलने की हुई थीं.

छह कंपनियों पर जुर्माने
अमेरिकी परिवहन मंत्री पीट बटीगिग ने कहा, “जब अमेरिकी लोग किसी एयरलाइन की टिकट खरीदते हैं तो हम उम्मीद करते हैं करते हैं कि अपनी मंजिल पर सुरक्षित, पूरे भरोसे के साथ और वहनीय खर्च में पहुंच जाएंगे. मंत्रालय में हमारा काम यह सुनिश्चित करना है कि विमानन कंपनियां इन उम्मीदों को पूरा करें.”

मंत्रालय ने बताया कि डेनवर स्थित फ्रंटियर एयरलाइंस 22.2 करोड़ डॉलर लौटाएगी और 22 लाख डॉलर का जुर्माना भरेगी. पुर्तगाल की टैप 12.65 करोड़ डॉलर लौटाएगी और 11 लाख डॉलर का जुर्माना भरेगी. भारत की एयर इंडिया पर 14 लाख डॉलर का जुर्माना हुआ है जबकि 12.15 करोड़ डॉलर उसे लोगों को लौटाने होंगे. एयरो मेक्सिको को 1.36 करोड़ डॉलर लौटाने हैं और नौ लाख डॉलर का जुर्माना भरना है जबकि इस्राएल की अल एल को 6.19 करोड़ डॉलर का भुगतान करना है और नौ लाख डॉलर जुर्माने के देने हैं. कोलंबिया की एवियांका को 7.68 करोड़ डॉलर ग्राहकों को लौटाने हैं जबकि साढ़े सात लाख डॉलर का जुर्माना भरना है.

और कंपनियों पर होगी कार्रवाई
बटीगिग ने कहा, “हम और कार्रवाइयां करने की तैयारी कर रहे हैं और कई मामलों में जांच भी जारी है. जल्दी ही जुर्मानों के बारे में और समाचार आ सकते हैं.” हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी और अमेरिकी विमानन कंपनी के खिलाफ जुर्माना नहीं लगाया जाएगा. मंत्रालय के विमानन ग्राहक सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बलेन वर्की के अनुसार अमेरिकी कंपनियों ने रिफंड देने की अपनी जिम्मेदारी को अप्रैल 2020 में तेजी से निभाया.

वर्की ने कहा, “किसी अमेरिकी एयरलाइंस के खिलाफ कोई और मामला लंबित नहीं है. हमारे बाकी मामले विदेशी विमानन कंपनियों के खिलाफ हैं.”

एयर इंडिया नई उड़ान के लिए तैयार
2020 में अमेरिका की युनाइटेड एयरलाइंस के खिलाफ रिफंड से जुड़ीं सबसे ज्यादा (10,000 से ज्यादा) शिकायतें आई थीं. एयर कनाडा, अल एल और टैप पुर्तगाल के खिलाफ पांच-पांच हजार से ज्यादा शिकायतें थीं जबकि अमेरिकी एयरलाइंस और फ्रंटियर के खिलाफ चार-चार हजार से ज्यादा लोगों ने शिकायत की थी. पिछले साल एयर कनाडा ने 45 लाख डॉलर का भुगतान किया था. हालांकि परिवहन मंत्रालय ने 2.5 करोड़ डॉलर मांगे थे लेकिन 45 लाख डॉलर पर समझौता हो गया था.

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