इस सीट पर गठबंधन ने चल दी बड़ी चाल , भाजपा को मिलने वाली है कड़ी चुनौती

अगले महीने से देश मे लोकसभा चुनाव की शुरूआत हो जायेगी।जो सात चरणों मे संपन्न होंगे। इस को ध्यान मे रखते है अब सभी की नज़रे इस पर टिकी हैं कि किस सीट से कौन सी पार्टी कौन से उम्मीदवार को उतारती है। इस कड़ी मे समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की हरदोई लोकसभा सीट से अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर ऊषा वर्मा पर भरोसा जताते हुए उनकी टिकट दिया है। साल 2009 में ऊषा वर्मा यहीं से सांसद चुनी जा चुकी हैं।पिछले लोकसभा चुनाव मे मोदी लहर के बीच इस सीट पर बीजेपी के अंशुल ने जीत हासिल की थी।

उनको पिछले चुनाव में 360501 यानी 37.05 फीसदी वोट मिले थे। दूसरे नं पर बीएसपी को 279158 (28.69 फीसदी) मिले थे। जबकि तीसरे पायदान पर सपा की ऊषा वर्मा थी ,जिनको 276543 (28.42फीसदी) वोट मिले थे। कांग्रेस का इस सीट पर बहुत निराशाजनक प्रदर्शन रहा था। उस को 23198 (2.39फीसदी) वोट मिले थे। लेकिन अब सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।ऐसे मे अगर मतदान पिछले लोकसभा चुनाव की तर्ज़ पर ही होता है तो सपा बसपा गठबंधन के 57% वोट हो जायेंगे।

जो संख्या मे लगभग पांच लाख साठ हज़ार हो जायेंगे । ऐसे मे हरदोई लोकसभा सीट बीजों के हाथ से निकल जायेगी। इस समय बीजेपी की सारी उम्मीदें पूर्व सपा नेता रहे नरेश अग्र वाल पर टिकी हैं। वह समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। नरेश अग्रवाल का हरदोई में अच्छा प्रभाव माना जाता है। ऐसे मे यह देखना दिलचस्प होगा कि हरदोई में वह बीजेपी को कितने वोट बढ़ा पायेंगे। आपको बता दें कि ऐतिहासिक रूप से इस सीट पर कांग्रेस ने सबसे ज़यादा बार जीत दर्ज की है ।

कांग्रेस ने यहां से छ बार जीत दर्ज की है।बीजेपी इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुकी है।जबकि सपा दो बार यहां जीत हासिल कर चुकी है।भारतीय जनसंघ भी यहां से एक बार जीत दर्ज चुका है। उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी ने अब तक जिन प्रत्याशियों की घोषणा की है,उनमें मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव, कन्नौज से डिंपल यादव, बदायूं से धर्मेन्द्र यादव, फिरोजाबाद से अक्षय यादव शामिल हैं।

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