नरेंद्र मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय और ताकतवर प्रधानमंत्री है: रामदास अठावले

रिर्पोट:- सुरेंद्र सिंघल, वरिष्ठ पत्रकार, नई दिल्ली।


नई दिल्ली (दैनिक संवाद न्यूज ब्यूरो)।
 मोदी सरकार का दलित चेहरा माने-जाने वाले महाराष्ट्र के वरिष्ठ अंबेडकरवादी और बौद्धिष्ठ नेता केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले कहते है कि मोदी सरकार सभी वर्गों के सर्वागीण विकास के मिशन को पूरी तत्परता के साथ पूरा करने में प्रयासो में लगी है। 60 वर्षीय कद्दावर दलित नेता अठावले ने ‘‘देश के वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक जनसत्ता, दैनिक भास्कर, दैनिक संवाद और यूएनआई के संवाददाता सुरेंद्र सिंघल से खास बातचीत में’’ अपने मंत्रालय की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफलता से जुडे़े कई सवालों के जवाब दिए।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय और ताकतवर प्रधानमंत्री है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, अरब, दुबई, श्रीलंका, आस्ट्रेलिया आदि देशों के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने और देखने वालो की भीड वहां के शासनाध्यक्षों से भी ज्यादा होती है। अठावले ने कहा कि उनका मंत्रालय देश की बडी आबादी के हितों को देखता है। पांच-छह वर्षों के दौरान मंत्रालयों की योजनाओं के क्रियान्वयन की गति में तेजी आई। अनुसूचित जातियों, जन जातियों दिव्यांगजनों के कल्याण पर लाखों-करोडो रूपए की धनराशि व्यय की गई है। लाखों दिव्यागजनों को उनकी जरूरत के हिसाब से उपकरण मुहैया कराए गए है।

सभी शोषित, वंचित, पीडित और पिछडे समुदाय के छात्रों को हजारों करोड की छात्रवृत्तियां वृद्ध और महिलाओं को पेंशन दी जा रही है। उन्होंने पिछडा आयोग को संविधान का दर्जा प्रदान किया है। पूरे देश के पिछडे वर्ग के लोग अपने अधिकारों के लिए आयोग में जा सकते है। उनके मंत्रालय ने आर्थिक रूप से पिछडे सवर्ण जाति के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। रामदास अठावले कहते है कि ऊंची जाति के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण दिए जाने की उनकी बहुत पहले समय से सोच थी। उनकी अपनी पत्नी सीमा श्रीवास्तव ऊंची बिरादरी की है। उनका भी उन पर दबाव और प्रेरणा दोनो रही। सवर्णों को आरक्षण देते वक्त इस बात का ध्यान रखा गया कि पहले से जारी एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण का कोटा कम न किया जाए।

अठावले ने कहा कि मोदी सरकार के अभी तक के कार्यकाल में देश के सभी नागरिकों के हितों को लेकर स्टार्टअप योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना पर सफलतापूर्वक काम हुआ है। 35 हजार लोगों के बैंकों में पहली बार खाते खुले। दो करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बने। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी जी सभी जाति, धर्म और वर्गों के लोगो को साथ लेकर चलने वाले नेता है। वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। मुसलमानों के प्रति भी उनके हृदय में प्रेम है।

Loading...

दलितों से वह भारी लगाव रखते है। मोदी जी की नीति सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास अर्जित करने की है। अठावले ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश की 80-85 फीसद आबादी के हितों से जुड़ा है। अनुसूचित जाति-जनजाति, घुमन्तू समुदाय, दिव्यांगजन, निराधार, नशा करने वाले वर्ग के हितों को लेकर उनके मंत्रालय ने 10 हजार करोड़ की योजनाएं बनाई है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों का सेवाओं में आरक्षण तीन प्रतिशत से बढाकर चार प्रतिशत किया और शिक्षा में पांच प्रतिशत लिया गया। उनको करीब नौ सौ करोड की कीमत के उपकरण वितरित किए गए। 14 से 15 लाख लोगों को ट्राई साइकिल और अन्य उपकरण दिए गए।

अनुसूचित जाति के कल्याण के बजट को बढाकर 85 हजार करोड़ किया गया। उनके पूरे मंत्रालय का बजट एक लाख पांच हजार करोड से ज्यादा का है। वह स्वयं क्षेत्रों में जाकर विकास कार्यों की समीक्षा और निरीक्षण दोनो का काम लगातार करते है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दलित और मुस्लिम बहुल सहारनपुर जनपद के वह हाल ही में कई दौरे कर अपने विभाग की उपलब्ध्यिों की समीक्षा कर चुके है। बातचीत के दौरान अठावले ने संकेत दिए कि वह उत्तर प्रदेश खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढाएंगे। रामदास अठावले 2014 से महारष्ट्र से राज्यसभा के सदस्य है। वह 1990 से 1995 तक महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके है।

अठावले रिपब्लिकन पार्टी आॅफ इंडिया के अध्यक्ष है। उनकी पार्टी एनडीए का मजबूत हिस्सा है। इसी वर्ष मई में उनका राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उनको भाजपा अपने कोटे से राज्यसभा में भेजना तय कर चुकी है। डा. अबेडकर की विचारधारा को आगे बढाने में लगे रामदास अठावले ने उत्तर प्रदेश की सियासत को लेकर बसपा सुप्रीमों मायावती के संबंध में इस संवाददाता से सवाल किया कि तीन बार मायावती भाजपा के कारण उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी फिर भी इस पार्टी का अहसान नहीं मानती है।

यह बात उन्हें भीतर तक बेचैन करती है। अठावले ने कहा कि बाबू जग जीवनराम के अंतिम कुछ समय में वह खुद उनके करीब रहे है। बाबू जी ने अपने जीवन के आखिरी पडाव में डा. अबेडकर की महानता को स्वीकार कर लिया था। वह हर वर्ष जग जीवनराम के जन्मदिन और पुण्यतिथि पर समता स्थल पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में मीरा कुमार के साथ भाग लेते है। वह चाहते है कि बाबू जग जीवनराम की स्मृति में स्मारक बनाया जाए। अठावले के व्यक्तित्व की खास बात यह है कि वह उन्हें फोन करनेे वालो की काल खुद स्वीकार करते है और मिलने आने वालो से बडी सहजता और सरलता से मिलते है और परेशान और जरूरतमंद लोगों की समस्या के समाधान को तत्पर रहते है। उनके कामकाज और व्यक्तित्व दोनो में पारदर्शिता है।

loading...
Loading...