उत्तराखंड में सुलग रहा खालिस्तान आतंकवाद! खुफिया तंत्र अलर्ट

सुरक्षा ऐजेंसियों से मिले इनपुट के अनुसार खलिस्तानी समर्थक आतंकी गतिविधयों के लिए उत्तराखंड की धरती का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिसके चलते खुफिया तंत्र अलर्ट हो गया है। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी पुलिस कप्तानों को पूर्व में सक्रिय समर्थकों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस बात की जानकारी निकाली जा सके कि ये समर्थक फिलहाल किस स्थान पर हैं और क्या कर रहे हैं?

बता दे कि साल 1984 में हुए सिख दंगों के बाद से ही खालिस्तान समर्थकों ने भारत में रह रहे सिख समाज के लोगों के लिए एक अलग देश बनाने की मांग की थी। उस दौरान देहरादून के डोईवाला, नैनीताल, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों के चलते प्रभावित हुए थे।

वहीं जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छिने जाने के बाद से ही इस्लामिक आतंकवाद बौखलाया हुआ है, ऐसे में उसके समर्थक उत्तराखंड में खालिस्तान आतंकवाद को तूल देने में जुटे हुए हैं। साथ ही देशभर में खालिस्तानी समर्थकों को सक्रिय करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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ऐसे में उत्तराखंड भी संवेदनशील क्षेत्र है। जिसके चलते देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले की पुलिस को सतर्कता रहने के लिए कहा गया है। सिख आतंकवाद के दौरान हुई घटनाओं में शामिल रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

कई आरोपी जमानत पर बाहर हैं, उनकी दिल्ली अथवा रुड़की आदि इलाकों में होने की सूचनाएं है। खुफि या तंत्र के अधिकारियों ने बताया कि खालिस्तानी समर्थक आंदोलन को हवा देने के लिए सोशल मीडिया का भी प्रयोग कर सकता है। इसलिए इस पर ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि पुलिस विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि यह नियमित कार्रवाई है। खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं है।

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