ये हैं UP पुलिस एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, नाम सुनते ही बदमाशों के आता है पसीना

दैनिक संवाद न्यूज़ नेटवर्क : आज आपको यूपी के ऐसे पुलिस अधिकारियों के बारे में रूबरू कराने जा रहा है। जिनके बारे में सुनकर यूपी का हर नौजवान जोश से भर जाता है। आम जनता को इन पर नाज होता है। हम बेफिक्र होकर चैन की नींद सो जाते हैं, उसका श्रेय भी यूपी की पुलिस (police) को जाता है। पुलिस ने जांबाज हमेशा हमारी सुरक्षा के लिये मुस्तैद रहते हैं। इन अफसरों की जहां पर पोस्टिंग होती है। वहां पर बदमाश घर ने निकलना बंद कर देते हैं। जिनके नाम सुनकर ही अपराधियों के पसीने छूट जाते हैं। यहां तक कि इन अफसरों पर कई फिल्में भी बनाई गईं हैं।

एनकाउंटर स्‍पेशलिस्‍ट नवनीत सिकेरा

यूपी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट नवनीत सिकेरा का नाम सबसे तेजतर्रार पुलिस अफसरों में सबसे आगे रहता है। जब से नवनीत सिकेरा ने रमेश कालिया का एनकाउंटर किया है। जब से इनका नाम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पड़ गया है। एक समय था जब कुख्यात गैंगस्टर रमेश कालिया का लखनऊ में आतंक बढ़ता जा रहा था, तब उसके आतंक का सफाया करने की जिम्मेदारी आईपीएस नवनीत सिकेरा को सौंपी गई थी।

नवनीत सिकेरा और पुलिस टीम बारातियों के भेष में नीलमत्था पहुंची। पुलिस और कालिया गैंग के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। करीब 20 मिनट तक चले इस एनकाउंटर में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे, लेकिन इस एनकाउंटर में कालिया भी मारा गया था। तभी से नवनीत सिकेरा ने खुद को महिलाओं के प्रति होने वाले क्राइम की ओर केंद्रित कर लिया है।

एनकाउंटर स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्टर अजय पाल शर्मा

डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने करीब 1 साल से शामली की जिम्मेदारी संभाल रखी है। शर्मा ने एक साल के अंदर शामली जिले से व्यापारियों के पलायन को रोका है और अपराधियों का पलायन कराया है। अजय पाल शर्मा ने अब तक करीब एक दर्जन से ज्यादा बदमाशों का एनकाउंटर किया है। कई कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है। इसी वजह से हरियाणा सरकार ने अजय पाल शर्मा को सम्मानित किया है।

क्राइम एक्सपर्ट जितेंद्र कालरा

इंस्‍पेक्‍टर जितेंद्र कालरा को पश्चिमी यूपी में क्राइम एक्‍सपर्ट के रूप में जाना जाता है। अपराधियों में इनका खौफ इस कदर है कि इनकी जहां पर तैनाती की जाती है। यहां से अपराधी या तो अंडर ग्राउंड हो जाते हैं या फिर भाग जाते हैं। बदमाशों की कॉल को जब इंटरसेप्‍ट किया गया तो, यह कहते हुए सुना गया कि ‘भाग जा बे कालरा आ गया, ठोक डालेगा।’

डीएसपी राहुल श्रीवास्‍तव

राहुल श्रीवास्‍तव का नाम उन अफसरों में शामिल है, जिनके लिये अफसर अपने सीनियर से भी लड़ जाते हैं। एक समय था जब राहुल श्रीवास्‍तव को पनिश्‍मेंट पोस्टिंग के तौर पर पीटीसी सीतापुर में तैनात किया गया था। लेकिन उनके एनकाउंटर्स और क्राइम वर्क को देखते हुए तत्‍कालीन डीजीपी विक्रम सिंह ने लखनऊ में तैनात कर दिया। डीजीपी ने राहुल श्रीवास्‍तव को टास्क दिया कि वह राजधानी को अपराधियों से मुक्त करें। तैनाती के बाद राहुल श्रीवास्तव ने 2 कुख्यात बदमाशों को मार गिराया था।

आईपीएस अरुण कुमार

आपको जानकारी के लिये बता दें कि यूपी एसटीएफ का गठन आईपीएस अरुण कुमार के नेतृत्व में ही किया गया था। अरुण कुमार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की सुपारी लेने वाले बदमाश श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर किया था। बता दें कि 4 मई 1998 को 50 बेहतरीन जवानों को छांट कर एसटीएफ का गठन किया गया था।

आईपीएस अमिताभ यश

आईपीएस अमिताभ यश का कहना है कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते। यश एसटीएफ में रहकर करीब 30 से ज्यादा बदमाशों का एनकाउंटर किया है। इसके साथ ही अमिताभ यश ने कई दर्जन एनकाउंटर करने वाली टीमों को लीड किया है। कहा जाता है कि यश की जिस जिले में तैनाती होती है। वहां से अपराधी या तो जिला छोड़ देते हैं या फिर अपराध छोड़ देते हैं।

आईपीएस अखिल कुमार

आईपीएस अखिल कुमार कुख्‍यात डकैत निर्भय गुर्जर का एनकाउंटर करने के बाद से सुर्खियों में आए। बीएसपी की सरकार में उनकी लखनऊ और गाजियाबाद जैसी अति संवेदनशील जगहों पर तैनाती की गई थी। आईपीएस अखिल कुमार ने अपराधियों के खिलाफ काफी कड़ा रुख अपनाया था। साल 2010 में इनके नेतृत्व में लखनऊ में पुलिस ने दर्जनभर से ज्यादा अपराधियों के मार गिराया था।

आईपीएस अनंत देव

आईपीएस अनंत देव को कुख्यात अपराधियों के सफाये के लिये जाना जाता है। उनको चंबल की घाटियों में रहने वाले इन दुर्दांत दस्युओं का सफाया करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। देव काफी दिनों तक अपनी टीम के साथ दस्युओं को जंगल में तलाश करते रहे। आखिरकार उनका सफलता भी मिली। आईपीएस अनंत देव के नेतृत्व में अतंक का पर्याय बने ददुआ का एनकाउंटर कर दिया। तभी से अनंत देव के नाम से कुख्यात अपराधी थर्राते हैं।

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