डीआरडीओ को मिली बड़ी सफलता, INS विक्रमादित्य पोत पर एलसीए नेवी की सफल लैंडिंग

डीआरडीओ को मिली बड़ी सफलता मिली है। भारत ने पहली बार नेवल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस आज विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर लैंड हुआ। यह पहली बार है जब कोई स्वदेशी लड़ाकू विमान ने किसी विमानवाहक पोत पर लैंडिंग की। यह जानकारी भारतीय नौसेना के सूत्रों ने दी है।

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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का निर्माण किया है जिसने अरेस्टर वायर की मदद से लैंडिंग की। एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी नौसेना के साथ मिलकर लड़ाकू विकसित कर रही है।

डीआरडीओ का कहना है कि शोर बेस्ड टेस्ट फैसिलिटी पर व्यापक परीक्षण पूरा करने के बाद एलसीए नेवी ने आईएनएस विक्रमादित्य पर आज सुबह 10:02 बजे सफलतापूर्वक अरेस्टिड लैंडिंग की। कमोडोर जयदीप मौलंकर ने मेडन लैंडिंग कराई।
बता दें सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह चीन के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शिनजियांग प्रांत की यात्रा पर हैं। इस दौरान वह चीन के शीर्ष जनरलों से मुलाकात करेंगे। शिनजियांग प्रांत की सीमा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से लगी हुई है।

INS विक्रमादित्य

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लेफ्टिनेंट जनरल सिंह चीन की यात्रा पर जाने वाले सेना की उत्तरी कमान के दूसरे कमांडर हैं। इससे पहले 2015 में उनके पूर्ववर्ती लेफ्टिनेंट जनरल बी एस हुड्डा चीन गए थे। उत्तरी सेना के कमांडर की चीन यात्रा इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले इसके कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी एस जसवाल को 2010 में इस आधार पर नियमित वीजा देने से इनकार कर दिया गया था कि उत्तरी कमान में ‘‘विवादित’’ जम्मू-कश्मीर भी आता है।

इस पर भारत ने गहरी नाराजगी जतायी थी और दोनों देशों की सेनाओं के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। इस मुद्दे को 2015 में लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा की यात्रा के साथ सुलझाया गया था, जिससे दोनों के बीच संबंध सामान्य हो गए थे।

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लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने पिछले तीन दिनों में बीजिंग और चेंगदू का दौरा किया है। गुरुवार को वह शिनजियांग की प्रांतीय राजधानी उरुमकी पहुंचे, जिससी सीमाएं पीओके से लगती हैं। सूत्रों ने यहां बताया कि गुरुवार को उन्हें उरुमकी में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत करनी है। शुक्रवार को वह स्थानीय सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे।

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